सूत्रों के अनुसार, इस बार युवा कांग्रेस चुनाव में खुली गुटबाजी और विवाद से बचने के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेता एक साझा उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न खेमों की सक्रियता को देखते हुए सर्वसम्मति बनना आसान नहीं माना जा रहा है।
फिलहाल रायपुर और दुर्ग संभाग से कई मजबूत दावेदार मैदान में दिखाई दे रहे हैं, जबकि सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ युवा नेताओं को भी गंभीर दावेदार माना जा रहा है। दावेदार लगातार वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी आलाकमान पहले ही युवा कांग्रेस चुनाव में बड़े नेताओं की सीधी दखलंदाजी से बचने के निर्देश दे चुका है। इसी वजह से वरिष्ठ नेता खुलकर किसी के समर्थन में सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन अंदरखाने में रणनीति और समीकरणों पर लगातार चर्चा जारी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार युवा कांग्रेस का चुनाव केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर भविष्य के नेतृत्व की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम भी साबित हो सकता है।


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