प्रशासनिक हड़ताल: नायब तहसीलदार को पीटने के आरोप में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर मामला, 1 जून से तहसीलदार-नायब तहसीलदार हड़ताल पर, राजस्व काम ठप

रायपुर/अंबिकापुर, 1 जून 2026। सरगुजा जिले के राजपुर में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट का आरोप लगने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ के आह्वान पर 1 जून से तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए हैं।
कलाकेंद्र मैदान में धरना, कलेक्टर से की मुलाकात
 
सोमवार को सरगुजा जिले के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद सभी अधिकारी अंबिकापुर के कलाकेंद्र मैदान में धरने पर बैठ गए। अधिकारियों का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
 
दोनों का नार्को टेस्ट कराने की मांग 
 
मामले के पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने निष्पक्ष जांच के लिए अपना और विधायक रामकुमार टोप्पो दोनों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
विधायक बोले- जांच में करेंगे सहयोग
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे। हालांकि गिरफ्तारी देने के संबंध में उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
 
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
 
मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में दो तरह का कानून लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं को बचाने का प्रयास हो रहा है, जबकि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले में मूकदर्शक बने हुए हैं।
 
जनता पर असर
 
तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल का असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ रहा है। नामांतरण, बंटवारा, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने लगे हैं। यदि हड़ताल लंबी चली तो लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

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