सिम घोटाला: आपके नाम पर चल रही फर्जी सिम से हो रही करोड़ों की ठगी, रायपुर पुलिस ने पकड़ा 'डबल थंब' गैंग, 300 सिम जब्त

रायपुर। अगर आपके नाम से कोई अनजान सिम एक्टिव है तो अलर्ट हो जाइए। राजधानी रायपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत फर्जी सिम बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर 300 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं।

कैसे चलता था ‘डबल थंब स्कैम’ का खेल:
शिकार की तलाश: आरोपी सड़क किनारे छतरी लगाकर या दुकानदारों को सेट करके गरीब-भोले लोगों को निशाना बनाते थे।
लालच का जाल: फ्री रिचार्ज, ऑनलाइन जॉब, सस्ता सामान या सरकारी योजना के नाम पर आधार कार्ड और अंगूठा लगवाते थे।
डबल थंब का फ्रॉड: एक अंगूठा सिम एक्टिवेशन के लिए और दूसरा चुपके से किसी दूसरे ग्रुप की सिम पर लगवा लेते थे।
ठगों को बेच देते: एक सिम ग्राहक को देकर दूसरी फर्जी सिम 500 से 5000 रुपये में साइबर अपराधियों को बेच देते थे।

कौन-कौन पकड़े गए: सुजीत साममल, शिवनारायण साहू, जयंत लहरी, मनीष आहूजा, कौशल प्रताप सिंह, सुधीर जैन और विनोद वर्मा। ये आरोपी पश्चिम बंगाल, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायपुर में सक्रिय थे।

अब तक कितना नुकसान:
माना थाना क्षेत्र: 20.28 लाख रुपये की साइबर ठगी फर्जी सिम और म्यूल खातों से।
आजाद चौक क्षेत्र: 6.42 लाख रुपये की ठगी में इन्हीं सिम का इस्तेमाल।
पुलिस को 150 से ज्यादा म्यूल खातों और 300 फर्जी सिम की जानकारी मिली है।

कैसे बचें इस ठगी से:
सिम लेते समय अलर्ट रहें: देखें कि दुकानदार आपके अंगूठे को दो बार स्कैन तो नहीं कर रहा।
TAF-COP पोर्टल चेक करें: tafcop.dgtelecom.gov.in पर जाकर चेक करें आपके नाम पर कितनी सिम चल रही हैं।
लालच से बचें: फ्री रिचार्ज, लॉटरी या जॉब के नाम पर आधार-बायोमेट्रिक न दें।
तुरंत रिपोर्ट करें: शक होने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।

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