प्रशासन के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी 50 से 55 लोगों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल, आपदा प्रबंधन बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने के लिए सेना की मदद भी ली गई है।
रेस्क्यू टीम भारी मशीनों और अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान संरचनात्मक कमजोरी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही हादसे की वजह हो सकती है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।

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