सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार अभनपुर निवासी मनीष कुर्रे लंबे समय से खुद को अधिवक्ता बताकर न्यायालय आने वाले पक्षकारों से संपर्क करता था। वह न्यायालयीन और अन्य सरकारी काम आसानी से कराने का भरोसा देकर लोगों से पैसे लेता था। शनिवार को शिकायत मिलने पर जिला न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने उसे रोककर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपना नाम अधिवक्ता हरीश डहरिया बताया और खुद को वकील साबित करने की कोशिश की, लेकिन उसके जवाबों में लगातार विरोधाभास सामने आए। संदेह गहराने पर अधिवक्ताओं ने उसकी पहचान और दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसके पास से नेशनल और स्टेट बार काउंसिल का फर्जी सदस्यता पहचान पत्र बरामद हुआ। इसके बाद उसे तत्काल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने एक व्यक्ति को नजूल भूमि का पट्टा दिलाने का झांसा देकर 10 हजार रुपए लिए थे। काम नहीं होने और संदेह बढ़ने पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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