रिश्वत की रकम लेते ही धरा गया SDO, 6 महीने तक रोकी थी मनरेगा भुगतान की फाइल

जशपुर, 18 जून 2026: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के प्रभारी सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) संजय दिवाकर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर मनरेगा कार्य के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, मामला मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कपरोल का है। यहां पूर्व उपसरपंच ऋतुराम यादव ने ACB से शिकायत की थी कि उनके कार्यकाल में वर्ष 2022-23 के दौरान मनरेगा के तहत गेबियन संरचना (पत्थरों और लोहे की जाली से बनी दीवार) का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित फाइल की जांच और भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए SDO संजय दिवाकर ने पहले 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। रिश्वत नहीं मिलने पर करीब छह महीने तक फाइल को लंबित रखा गया।
ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाया। बुधवार को पूर्व उपसरपंच जब तय रकम का हिस्सा लेकर आरोपी अधिकारी के पास पहुंचा, तभी ACB की टीम ने दबिश देकर उसे रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। ACB अब मामले में अन्य पहलुओं और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

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