सूचना पहुंची नहीं, संपर्क मुश्किल
जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश पर पूरक परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। शिक्षकों को विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा में शामिल कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में हाई एवं हायर सेकेंडरी स्तर के कई विद्यार्थियों के पास भी मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों तक सूचना पहुंचाना और उनसे संपर्क करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि परीक्षा की सूचना समय पर विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रही है।
16 जून के बाद परीक्षा कराने की मांग
छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ सहित कई सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों ने छात्रहित में इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरक परीक्षा विद्यार्थियों के लिए अगली कक्षा में प्रवेश का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होती है। यदि विद्यार्थी छुट्टियों के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
संगठनों ने मांग की है कि पूरक परीक्षाएं ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित करने के बजाय स्कूल खुलने के बाद, अर्थात 16 जून के पश्चात आयोजित की जाएं, ताकि सभी पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।

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