व्हाट्सएप लिंक से शुरू हुआ खेल
पीड़ित पंडित अविनाश लोखंडे (45) के मोबाइल पर जून 2025 में व्हाट्सएप के जरिए एक अज्ञात लिंक भेजा गया था। चैटिंग के दौरान आरोपी राघव शर्मा, शैलेजा और निशा पटेल ने स्वयं को 'इंड मनी' कंपनी का कर्मचारी बताते हुए शेयर ट्रेडिंग और कम कीमत पर IPO उपलब्ध कराने का झांसा दिया। भरोसा दिलाने के लिए अविनाश ने एक लाख रुपये से ट्रेडिंग शुरू की। करीब पांच महीने तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया।
क्लाइंट और पत्नी के पैसे भी डूबे
इसके बाद आरोपियों ने अविनाश को बड़े मुनाफे का लालच देते हुए कहा कि वे बाजार दर से कम कीमत पर सीधे IPO शेयर उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए रकम उनके बताए खातों में जमा करनी होगी।
अविनाश ने यह जानकारी अपने क्लाइंट अमित अग्रवाल, अशोक वर्मा, सौरभ अग्रवाल और श्याम सुंदर अग्रवाल को भी दी। सभी निवेश के लिए तैयार हो गए। इसके बाद अविनाश के ICICI बैंक और इंडसइंड बैंक खातों से 74.63 लाख रुपये तथा उनकी पत्नी विद्या लोखंडे के केनरा बैंक खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 84.63 लाख रुपये ठगों के खातों में पहुंच गए।
शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर हुई रकम
जानकारी के अनुसार 12 जून से 31 जुलाई के बीच यह रकम SKS इंजीनियरिंग, एनडिया टेक, कवच वेलफेयर, ए.के. ट्रेड्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और रियल ट्रीट इन्वेंट सहित विभिन्न खातों में जमा कराई गई। जब निवेशकों ने IPO अलॉटमेंट के बारे में पूछताछ शुरू की तो आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए और कथित 'इंड मनी' ऐप भी काम करना बंद कर दिया।
FIR दर्ज, जांच जारी
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने देवेन्द्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Comments