रायपुर, 13 मई 2026: छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग नए नियम लागू करने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने 9वीं कक्षा में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने, न्यूनतम उपस्थिति अनिवार्य करने और कमजोर छात्रों के लिए उपचारात्मक स्कूल खोलने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में बिना किसी मानदंड के छात्रों को 9वीं में प्रवेश दे दिया जाता है, जिससे 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम प्रभावित होते हैं। यदि प्रवेश परीक्षा लागू होती है तो केवल शैक्षणिक रूप से तैयार छात्र ही 9वीं में प्रवेश ले सकेंगे।
संगठन ने यह भी सुझाव दिया है कि कक्षा 8वीं में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाए। इससे छात्रों में नियमित पढ़ाई की आदत बढ़ेगी और शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर आवासीय उपचारात्मक स्कूल खोलने की मांग भी उठाई गई है, जहां विशेष शिक्षकों के माध्यम से अतिरिक्त पढ़ाई कराई जाएगी।
टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखकर आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 से इन नियमों को लागू करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इससे बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
बोर्ड रिजल्ट सुधारने शिक्षा विभाग की तैयारी, 9वीं में लागू होगा नया नियम

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