‘भूपेश का BJP पर सीधा अटैक’: बोले- ‘महिला आरक्षण बिल 2023 में पास, अब कानून है…फिर भी लागू क्यों नहीं?’ | ‘महंगाई-सिलेंडर से ध्यान भटकाने BJP फैला रही भ्रम’


रायपुर, 21 अप्रैल 2026। महिला आरक्षण पर कांग्रेस-BJP की जंग और तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP पर भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। दस्तावेज दिखाते हुए बोले- ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 दोनों सदनों से पास होकर कानून बन चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हस्ताक्षर भी कर दिए। फिर BJP किस महिला आरक्षण की बात कर रही है?’

16 अप्रैल वाले बिल पर सवाल: भूपेश ने बताया कि 16 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में BJP महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल पास कराना चाहती थी। *‘ये षड्यंत्र विफल हो गया, इसलिए अब महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है’*।

मोदी सरकार से 3 सवाल:
‘जब बिल सितंबर 2023 में पास हो गया तो लागू क्यों नहीं किया?’
‘बिल के आधार पर तुरंत 33% आरक्षण प्रभावी हो सकता है, फिर देरी क्यों?’
‘परिसीमन-जनगणना की आड़ में महिलाओं का हक कब तक रोकोगे?’

‘साख बचाने का ड्रामा’: कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि *‘PM मोदी की साख गिर चुकी है। सिलेंडर की कमी, पेट्रोल-डीजल के दाम, खाद-बीज की किल्लत, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए BJP महिला आरक्षण का राजनीतिकरण कर रही है’*।

कानूनी स्थिति क्या है: 128वां संविधान संशोधन- नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 लोकसभा-राज्यसभा से सितंबर 2023 में पारित हुआ था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये कानून बन गया*। लेकिन इसमें *परिसीमन और जनगणना के बाद लागू करने का प्रावधान है। विपक्ष इसी प्रावधान को ‘लटकाने की चाल’ बता रहा है।

BJP का पक्ष: BJP का कहना है कि बिना परिसीमन सीटों की संख्या तय नहीं हो सकती, इसलिए तुरंत लागू करना संभव नहीं*। *2029 के लोकसभा चुनाव से लागू होने की संभावना है।

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