रायपुर, 21 अप्रैल 2026। महिला आरक्षण बिल पर छत्तीसगढ़ की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। राज्य सरकार अब इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। सत्र में विपक्ष के रवैये के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पास किया जाएगा।
क्या है सरकार का प्लान: CM हाउस में हुई BJP कोर ग्रुप की बैठक में तय हुआ कि महिला आरक्षण बिल को राज्य में बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा। विशेष सत्र बुलाकर जनता को बताया जाएगा कि ‘कांग्रेस ने संसद में बिल पास नहीं होने दिया’*। *सदन से निंदा प्रस्ताव पास कर विपक्ष को घेरा जाएगा।
27 तक प्रदर्शन: इसके साथ ही 27 अप्रैल तक प्रदेशभर में BJP महिला मोर्चा और कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। जिला-मंडल स्तर पर धरना, रैली, चौपाल होंगी। ‘कांग्रेस महिला विरोधी’ का नैरेटिव सेट किया जाएगा।
कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- *‘BJP ड्रामेबाजी कर रही है। केंद्र में इनकी सरकार है, बिल वहीं अटका है। 10 साल में क्यों नहीं लाए? अब राज्य में विशेष सत्र बुलाकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं’*।
क्या है बिल का विवाद: केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल संसद में पेश किया था। OBC कोटे और लागू करने की टाइमलाइन पर विपक्ष के हंगामे के बाद बिल पास नहीं हो सका*। अब *BJP-कांग्रेस एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रही हैं।
चुनावी गणित: छत्तीसगढ़ में 50% से ज्यादा महिला वोटर हैं। 2026 में संभावित चुनाव से पहले दोनों दल महिला वोट बैंक को साधने में जुटे हैं। विशेष सत्र और प्रदर्शन उसी रणनीति का हिस्सा हैं।

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