तस्वीर किसी और ट्रक की, चालान 18 हजार का, UP टोल नाके ने भेजा गलत ई-चालान

छत्तीसगढ़ में ई-चालान व्यवस्था अब वाहन मालिकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। टोल नाकों, परिवहन चेक पोस्ट और ट्रैफिक पुलिस के सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऐसे वाहनों के भी चालान जारी हो रहे हैं, जो महीनों से घरों, गैरेज या वर्कशॉप में खड़े हैं। लगातार गलत ई-चालानों की शिकायतें सामने आने के बाद वाहन मालिकों में नाराजगी बढ़ गई है।
रायपुर के मीडिया कर्मी सागर फारिकर ने बताया कि उनकी 2006 मॉडल की वैगनआर कई दिनों से घर के बाहर खड़ी है, बावजूद इसके 15 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग ई-चालान उनके मोबाइल पर पहुंच गए। पहले 2500 रुपए, फिर 5500 रुपए और बाद में 8819 रुपए का चालान भेजा गया। वे कई बार आरटीओ कार्यालय जाकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं मिला।
इसी तरह ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने भी गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत की है। एक ट्रक मालिक का वाहन पिछले 6 महीनों से दुर्घटनाग्रस्त हालत में खड़ा है, लेकिन उसके नाम पर जगदलपुर टोल प्लाजा से ई-चालान जारी हो गया। परिवहन विभाग ने इसे AI जनरेटेड त्रुटि बताते हुए जांच का आश्वासन दिया है।
कबीरनगर ट्रांसपोर्ट नगर के एक ट्रांसपोर्टर को उत्तर प्रदेश के टोल नाके से 18 हजार रुपए का चालान मिला। जांच में सामने आया कि चालान में वाहन नंबर सही था, लेकिन तस्वीर किसी दूसरे ट्रक की थी। मामले की शिकायत संबंधित पुलिस और टोल प्रबंधन से की गई है।
अधिकारियों के अनुसार AI आधारित नंबर प्लेट रीडिंग सिस्टम में ‘3’ और ‘8’ जैसे अंकों की गलत पहचान तथा आई-ट्रिपल नंबर प्लेट के कारण ऐसी समस्याएं आ रही हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों में शिकायतें बेहद कम बताई जा रही हैं। आरटीओ रायपुर ने वाहन मालिकों को मित्र काउंटर में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।
परिवहन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ई-चालान का भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। केवल सरकारी पोर्टल पर जाकर ही चालान सत्यापित करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। गलत चालान की स्थिति में परिवहन विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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