रायपुर, 21 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में ओवरटाइम के नाम पर 115 करोड़ का महाघोटाला सामने आया है। कागजों में कर्मचारियों की एक्स्ट्रा शिफ्ट चलती रही, बिल पास होते रहे, लेकिन ग्राउंड पर काम करने वालों को एक रुपया नहीं मिला।
कैसे हुआ घोटाला: EOW की जांच में खुलासा हुआ कि CSMCL में मैनपावर सप्लाई करने वाली निजी एजेंसी ने फर्जी हाजिरी रजिस्टर बनाकर हजारों घंटे का ओवरटाइम दिखा दिया। कर्मचारियों की सैलरी स्लिप में नॉर्मल ड्यूटी दिखाई, जबकि CSMCL को भेजे बिल में डबल-ट्रिपल शिफ्ट का भुगतान ले लिया।
115 करोड़ का गणित: पिछले 3 साल में एजेंसी ने ओवरटाइम के नाम पर 115 करोड़ का बिल लगाया। CSMCL के अफसरों ने बिना वेरिफाई किए भुगतान कर दिया। जांच में मिला कि ज्यादातर कर्मचारी तो ओवरटाइम से अनजान ही थे। उनके नाम पर साइन भी फर्जी निकले।
दो गिरफ्तार, और पर तलवार: EOW ने एजेंसी के फील्ड ऑफिसर और अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में CSMCL के कुछ अफसरों के नाम भी सामने आए हैं। भुगतान पास करने वाले बाबू से लेकर बड़े अफसर तक रडार पर हैं।
कर्मचारियों का दर्द: एक सफाईकर्मी ने बताया- *‘हम 8 घंटे की ड्यूटी करते थे। कभी ओवरटाइम का पैसा नहीं मिला। अब पता चला कि हमारे नाम से 16-16 घंटे की हाजिरी लगी है’*।
आगे क्या: EOW की टीम अब बैंक अकाउंट, डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। 115 करोड़ किस-किस की जेब में गया, पता लगाया जा रहा है। CSMCL के MD ने कहा- *‘जांच में पूरा सहयोग करेंगे। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’*।

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