गौरव’ के इंतजार में फंसा गौरव पथ-2: 1 साल से फाइल में कैद 37 करोड़ की सड़क, टेंडर हो गया पर काम नहीं शुरू

रायपुर । राजधानी में ट्रैफिक का लोड कम करने के लिए प्लान की गई गौरव पथ-2 परियोजना 1 साल बाद भी जमीन पर नहीं उतर पाई है। 37 करोड़ रुपए का टेंडर जारी हो चुका है, कंपनी भी फाइनल है, लेकिन अंतिम स्वीकृति का इंतजार खत्म नहीं हो रहा।

क्या है गौरव पथ-2: शहर के बीच से गुजरने वाले इस प्रोजेक्ट में स्मार्ट रोड, चौड़ी सड़क, सेंट्रल लाइटिंग, फुटपाथ, ड्रेनेज और ग्रीन बेल्ट का काम होना है। गौरव पथ-1 की तर्ज पर इसे रायपुर की दूसरी मॉडल सड़क के रूप में विकसित करना है।

कहां फंसा पेंच: PWD अफसरों के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। वर्क ऑर्डर के लिए फाइल वित्त विभाग और शासन की अंतिम मंजूरी के लिए भेजी गई थी। 1 साल से फाइल वहीं अटकी है। बिना फाइनेंशियल सेंक्शन के ठेकेदार काम शुरू नहीं कर सकता।

जनता की परेशानी: जिस रूट पर गौरव पथ-2 बनना है, वहां रोजाना घंटों जाम लगता है। सड़क संकरी है, फुटपाथ टूटे हैं और बारिश में जलभराव होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “टेंडर का क्या फायदा जब सड़क ही नहीं बनी।”

कितना लंबा इंतजार: प्रोजेक्ट की घोषणा अप्रैल 2025 में हुई थी। टेंडर जुलाई 2025 में निकला और नवंबर 2025 में खुल गया। अब अप्रैल 2026 आ गया, पर एक गड्ढा तक नहीं खोदा गया।

विभाग का जवाब: PWD के इंजीनियरों ने कहा कि “स्वीकृति मिलते ही 15 दिन में काम शुरू कर देंगे। सारी तैयारी पूरी है।”

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