Chandra Grahan 2022: चंद्र ग्रहण के दौरान भूलकर भी ना करें ये काम.. हो सकता है बड़ा नुकसान.. बरतें ये सावधानियां..

ज्योतिष डेस्क

ज्योतिष और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण लगने के अलग-अलग कारण और महत्व के बारे में बताया गया है। धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण लगने की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ता है। इसलिए ग्रहण के दौरान कई कार्य वर्जित माने जाते हैं। खासतौर पर ग्रहण में शुभ कार्य, भोजन करना, यात्रा और धार्मिक कार्यों पर विशेष मनाही होती है।


साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को यानी आज है. भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा. ग्रहण की शुरुआत दोपहर में ही हो जाएगी लेकिन भारत में इसे चंद्रोदय के साथ ही देखा जा सकेगा. चंद्रग्रहण शाम 07.26 पर समाप्त हो जाएगा. यह ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लग रहा है. देश के पूर्वी भाग के आसपास के शहरों में पूर्ण चंद्र ग्रहण और शेष भारत में आंशिक चंद्र ग्रहण दिखेगा.
ग्रहण काल के दौरान क्या सावधानियां रखें

- दर्शन के हिसाब से सायं 05.31 से सायं 06.18 ही वास्तविक ग्रहण काल है.
- इस काल में प्रयास करें कि आप कोई आहार ग्रहण न करें.
- इस समय में जिस भी ईश्वर के स्वरुप की उपासना करते हों उसकी उपासना करें.
- अन्यथा इस समय में भगवान के नाम का भजन कीर्तन करें. 
- ग्रहण काल के समाप्त हो जाने के बाद सम्भव हो तो स्नान कर लें.
- या हाथ पैर धोकर कुछ न कुछ चन्द्रमा की वस्तुओं का दान करें. 
- चावल, चीनी, दूध, नारियल और चांदी का दान शुभ होगा.
- गर्भवती महिलाओं को इस काल में श्री कृष्ण की उपासना करनी चाहिए. 
- ग्रहण के नियम बीमार, वृद्ध और बच्चों पर लागू नहीं होते.
ग्रहण के दौरान करें ये विशेष उपाय 

- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव के समक्ष बैठें.
- एक घी का दीपक जलाएं और शिव जी को सफ़ेद फूल अर्पित करें.
- इसके बाद या तो शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें.
- या "ॐ चन्द्रशेखराय नमः" का जाप करें.
- पूजा के उपरान्त शिव जी से कृपा की प्रार्थना करें.

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