कृषि अधिकारियांे से जानकारी के अनुसार प्रदेश में चालू खरीफ मौसम के लिए 6 लाख 22 हजार मिट्रिक टन युरिया का भंडारण किया गया है। जिसमें से 4 लाख 87 हाजर मिट्रिक टन युरिया का वितरण अबतक किसानों को किया जा चुका है, जो कि कुल भंडारण का 68 प्रतिशत है। इसी तरह 2 लाख 22 हजार मिट्रिक टन एनपीके के भंडारण के बाद अबतक 1 लाख 70 हजार मिट्रिक टन का वितरण हो चुका है। जो कि भंडारण का 95 प्रतिशत है। राज्य में 77 हजार मिट्रिक टन से अधिक पोटाश और 2 लाख 76 हजार मिट्रिक टन से अधिक सुपर फास्फेट चालू खरीफ में वितरण के लिए भंडारित किये गए है। इनमें से अबतक 90 प्रतिशत लगभग 53 हजार मिट्रिक टन पोटाश और 83 प्रतिशत लगभग 1 लाख 66 हजार मिट्रिक टन सुपर फास्फेट का उठाव किसानों ने कर लिया है। राज्य में इस वर्ष खरीफ मौसम के लिए 1 लाख 79 हजार मिट्रिक टन से अधिक डीएपी खाद का भंडारण किया गया है। जिसमें से 46 प्रतिशत लगभग 1 लाख 41 हजार मिट्रिक टन का उठाव किसानों ने कर लिया है।
राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश में इफको कंपनी द्वारा 3 लाख 5 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी का भंडारण कराया गया है। इसमें से डबल लॉक केंद्रों में 82 हजार 470 बोतल, प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों में अब तक 1 लाख 41 हजार 389 बोतल और निजी क्षेत्र में 48 हजार बोतल तरल नैनो डीएपी भंडारित है। इफको कंपनी के पास अभी भी 33 हजार बोतल से अधिक नैनो डीएपी शेष बचा है। नैनो डीएपी की आधा लीटर की बोतल सहकारी समितियों में 600 रूपए की दर पर किसानों के लिए उपलब्ध है।

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