मीनााक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे भूपेश बघेल

मध्यप्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनााक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर रात नई दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर धरना दिया।
धरने में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, के.सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और उम्मीदवार को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने शाम 5:30 बजे सुनवाई का समय दिया था, लेकिन उसी समय कार्यालय बंद हो गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कार्यालय ही बंद हो गया तो कांग्रेस उम्मीदवार अपने पक्ष में आवेदन कैसे प्रस्तुत करती।
भूपेश बघेल ने बताया कि इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल भारत निर्वाचन आयोग पहुंचा, लेकिन वहां भी कार्यालय बंद मिला। नेताओं ने कहा कि विरोध दर्ज कराने और आवेदन स्वीकार करने की मांग को लेकर वे धरने पर बैठे। बाद में आयोग के कर्मचारियों ने आवेदन स्वीकार किया।
कांग्रेस का कहना है कि नामांकन रद्द करने के फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

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