सरकारी किताब आदेश पर बवाल: प्राइवेट स्कूलों ने उठाई आवाज

रायपुर | 6 मई 2026. किताबों को लेकर जारी सरकारी आदेश के खिलाफ निजी स्कूलों ने मोर्चा खोल दिया है। प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार उन पर जबरदस्ती अपने फैसले थोप रही है, जो शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थानों की स्वतंत्रता पर असर डाल सकता है।
स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि बिना पर्याप्त चर्चा और सुझाव लिए यह आदेश लागू किया गया है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों दोनों को परेशानी हो सकती है। उनका कहना है कि हर स्कूल की अपनी शिक्षण पद्धति और जरूरतें होती हैं, ऐसे में एक ही नियम सभी पर लागू करना सही नहीं है।
निजी स्कूलों ने सरकार से इस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।
वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और एकरूपता लाने के लिए उठाया गया है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम हो सके।
अब इस मुद्दे पर सरकार और निजी स्कूलों के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में नई बहस छिड़ गई है।

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