अंबिकापुर। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के संकल्प हास्पिटल में एक महिला सुरक्षा गार्ड की मौत होने के मामले में परिजनों के द्वारा पंचनामा, पोस्टामार्टम के बाद आज शव मुख्य मणीपुर मार्ग पर रख कर चक्का जाम कर दिया गया। मृतिका के परिजनों को 50 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। बीच सड़क शव रख प्रदर्शन किए जाने से मार्ग पर जाम लग गया। हालांकि मणीपुर और कोतवाली पुलिस के द्वारा वाहन चालकों को दूसरे मार्ग से रवाना किया गया। लगभग साढ़े तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा 9 लाख रूपए का मुआवजा का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन माने और चक्का जाम समाप्त किया। विदित हो कि शहर से लगे ग्राम लोधिमा निवासी अनिशा केरकेट्टा का विवाह शिवपुर दरिमा निवासी अमित तिग्गा के साथ हुआ था। उनकी एक छह वर्ष की पुत्री है, अनिशा केरकेट्टा बीते डेढ़ साल से मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के समीप संकल्प हास्पिटल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम कर रही थी। पुलिस के मुताबिक घटना दिवस 2 मई की शाम करीब चार बजे अंबिकापुर में आंधी तुफान के दौरान बिजली गुल हो गई थी। उस दौरान अस्पताल में जनरेटर चालू था, इसी बीच प्रबंधन के द्वारा अनिशा को जनरेटर में डीजल है या नहीं देखने के लिए भेजा गया था और यह कहा गया था कि डीजल नहीं होगा तो डाल देगी। इसके बाद अनिशा जनरेटर के पास पहुंची चेक करने पर डीजल काफी कम नजर आया जिससे वह डीजल डाल रही थी। तभी उसका दुपट्टा जनरेटर के पंखा में फंस गया और वह बूरी तरह से घायल हो गई। घटना से प्रबंधन में हड़कंप मच गया। अनिशा केरकेट्टा को तत्काल आईसीयू में भर्ती कराया गया और परिजनों को उसके घायल होने के संबंध में जानकारी दी गई। उपचार के दौरान चार मई को उसकी मौत हो गई। सोमवार चार मई की शाम अनिशा की मौत होने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा मचाया था और लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा की मांग की थी। किसी प्रकार प्रबंधन और पुलिस की समझाइश से परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया था आज दूसरे दिन मंगलवार को पुलिस के द्वारा पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई और शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव गृह ग्राम ले जाने के बजाए मणीपुर मुख्य मार्ग में ही रख दिया और सड़क पर बैठ प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान ग्राम लोधिमा के सरपंच सहित अन्य ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बीच सड़क प्रदर्शन की सूचना पर युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी, मगर कोई नतीजा नहीं निकला। सीएसपी राहुल बंसल भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। मृतिका के परिजन 50 लाख रूपए का मुआवजा मांगते रहे और मांग पुरी नहीं होने पर नारेबाजी करते रहे।
बॉक्स:
आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त
परिजनों द्वारा हंगामा मचाते हुए बीच सड़क चक्काजाम किए जाने पर वहां मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी परेशान रहे। परिजन बगैर मांग पूरी हुए सड़क से उठने तैयार नहीं थे। करीब साढ़े तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद संकल्प हास्पिटल का संचालक डॉ. संजय गोयल मौके पर पहुंचे और परिजनों को आश्वासन दिया कि मृतिका की पुत्री के नाम पर 9 लाख रूपए एफडी किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी। इस आश्वासन पर परिजन माने और चक्का जाम समाप्त किया। इसके बाद परिजन शव लेकर गृह ग्राम रवाना हुए जहां विधि विधान से शव का अंतिम संस्कार किया गया।
अस्पताल में महिला सुरक्षा गार्ड की मौत पर सड़क में शव रख चक्काजाम

Comments