रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान कर दिया है। बुधवार को CM विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए कमेटी गठन को मंजूरी दी गई।
कौन बनाएगा ड्राफ्ट: सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। सदस्यों के नाम तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया है। डिप्टी CM अरुण साव ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग पर्सनल लॉ चलते हैं। UCC से सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नियम होंगे।
UCC कहां-कहां लागू:
1. गोवा: 1867 से पुर्तगाली सिविल कोड चल रहा है।
2. उत्तराखंड: आजाद भारत में UCC पास करने वाला पहला राज्य।
3. गुजरात: मार्च में UCC लागू किया।
4. मध्य प्रदेश: प्रक्रिया जारी।
5. असम: चुनाव बाद लागू करने का BJP का वादा।
छत्तीसगढ़ अब इस लिस्ट में शामिल होने वाला अगला राज्य बन गया है।
कैबिनेट के 7 और बड़े फैसले:
निर्णय सीधा फायदा
1. महिलाओं को रजिस्ट्री में 50% छूट महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर फीस आधी। सरकार को 153 करोड़ का नुकसान, लेकिन महिला सशक्तिकरण को बूस्ट।
2. पेंशनरों का लटका भुगतान साफ बुजुर्गों की पेंशन का रास्ता क्लियर।
3. हितग्राहियों को दोगुना पशु ST समेत सभी वर्गों के हितग्राहियों को दोगुने पशु दिए जाएंगे।
4. अवैध रेत खनन पर 5 लाख जुर्मानानियम सख्त, सरकारी उपक्रमों के लिए रेत खदानें आरक्षित हो सकेंगी।
5. सैनिकों को 25% स्टांप छूट सेवारत, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को 25 लाख तक की संपत्ति पर स्टांप शुल्क में 25% राहत।
6. औद्योगिक भूमि नियम में संशोधन छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि व भवन प्रबंधन नियम 2015 में बदलाव का प्रस्ताव मंजूर।
क्यों अहम है UCC: अभी हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समुदाय के लिए शादी-तलाक-विरासत के अलग कानून हैं। UCC आने से ‘एक देश-एक कानून’ की तर्ज पर सभी के लिए समान प्रक्रिया होगी।

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