सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों और संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्कूलों और छात्रावासों के आसपास नियमित निगरानी रखें। यदि 500 मीटर की सीमा के भीतर किसी भी प्रकार के नशे या तंबाकू उत्पादों की बिक्री होती है तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाने को दी जाए।
नई व्यवस्था के तहत स्कूल में प्रवेश से पहले छात्रों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। यदि कोई छात्र नशे की चपेट में पाया जाता है तो उसे दंडित करने के बजाय उसकी काउंसलिंग कराई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा। साथ ही स्कूलों में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान, शैक्षणिक शिविर और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चिकित्सकीय जांच शिविर भी चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाते हुए सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

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