पुलिस जांच में सामने आया कि कोरबा स्थित SECL खदानों से उद्योगों के लिए भेजे जा रहे उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को रास्ते में उतारकर उसकी जगह मिट्टी और निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलाकर ट्रेलरों में भर दिया जाता था। इसके बाद मिलावटी कोयले को प्लांट तक पहुंचाया जाता था, जबकि असली कोयले को अवैध रूप से बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड को भेजे गए कोयले की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच में पाया गया कि कोरबा से लोड किया गया जी-11 ग्रेड कोयला प्लांट पहुंचने तक मिलावटी और घटिया हो चुका था।
पुलिस के अनुसार, ट्रेलर चालक से पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा खेल ट्रेलर मालिक और कोल डिपो संचालक की मिलीभगत से चल रहा था। बेलतरा टोल प्लाजा के पास स्थित डिपो में पहले उच्च गुणवत्ता वाला कोयला उतारा जाता था, फिर वहां मौजूद घटिया कोयला और मिट्टी मशीनों की मदद से मिलाकर ट्रेलरों में दोबारा भर दिया जाता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अब तक कितनी मात्रा में कोयले की हेराफेरी की जा चुकी है।

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