जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलने के पहले दिन कई सरकारी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को न तो किताबें मिलीं और न ही यूनिफॉर्म। जिन संकुलों तक पुस्तकें पहुंची हैं, वहां से भी कई स्कूलों में वितरण नहीं हो सका। इसके चलते शाला प्रवेशोत्सव कई स्थानों पर केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारियों का कहना है कि कक्षा 9वीं और 10वीं की किताबें अधिकांश स्कूलों तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कक्षा 1 से 8 तक की शेष पुस्तकें 25 जून तक सभी स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं यूनिफॉर्म वितरण की प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से जारी है।
शिक्षकों का कहना है कि किताबों और यूनिफॉर्म की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में पहले दिन बच्चों को सामान्य गतिविधियों और परिचयात्मक कक्षाओं के माध्यम से समय बिताना पड़ा। शिक्षा विभाग ने जल्द आपूर्ति पूरी करने का भरोसा दिलाया है।

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