महादेव कांवड़े को 6 मई 2026 को रायपुर संभाग आयुक्त पद से हटाकर रजिस्ट्रार सहकारी समितियां बनाया गया था, लेकिन वे इस पद पर महज 25 दिनों तक ही कार्य कर पाए। इससे पहले यह अतिरिक्त प्रभार राजभवन सचिव सीआर प्रसन्ना के पास था।
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मंत्रालय में गृह विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत रहे रमेश शर्मा को अब सहकारिता विभाग की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे विभाग के प्रशासनिक प्रमुख होने के साथ-साथ सहकारी संस्थाओं के नियामक प्रमुख की भूमिका भी निभाएंगे।
सहकारिता आयुक्त एवं रजिस्ट्रार का पद राज्य की सहकारी व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंक और प्राथमिक कृषि साख समितियों समेत सभी सहकारी संस्थाओं की निगरानी और नियंत्रण का अधिकार रजिस्ट्रार के पास होता है। किसी भी संस्था में अनियमितता या शिकायत मिलने पर जांच और आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार भी इसी पद को प्राप्त है।
गौरतलब है कि 6 मई को राज्य सरकार ने सात जिलों के कलेक्टरों सहित 42 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया था। इसके बाद एक माह से अधिक समय में यह आईएएस अधिकारियों के स्तर पर पहला बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। वहीं, कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर के प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद प्रशासनिक फेरबदल का एक और आदेश जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

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