मामला कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्रीवाल निर्माण में वन विभाग की आपत्ति और संबंधित रेंजर की गैरमौजूदगी से जुड़ा था। शिकायत सामने आने पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित शिविर में सभी विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति जनता के प्रति जवाबदेही की कमी को दर्शाती है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सांसद ने प्रशासन को निर्देशित किया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक आवेदन भी प्राप्त हुए। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का निराकरण अधिकतम सात दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सांसद के इस सख्त रवैये को प्रशासनिक जवाबदेही और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।

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