रायपुर, 16 मई 2026। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज साइबर थाने को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह और म्यूल बैंक खातों के अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों में कर्नाटक और दिल्ली के शातिर अपराधी शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा संचालित 18 म्यूल बैंक खातों के जरिए अब तक 10.76 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। इन खातों का संबंध देश के 17 राज्यों में दर्ज 88 साइबर अपराधों से पाया गया है।
कैसे करते थे ठगी
आरोपी खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाते थे। इसके बाद 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखकर उनसे पैसे ठगते थे। विधानसभा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड अधिकारी सपन कुमार से इसी तरह 1.25 करोड़ रुपये ठगे गए। दिल्ली में आरोपी आर्यन सिंह पिता राजेश सिंह को गिरफ्तार किया गया।
डोंगरगढ़ से जुड़े तार
मामले के तार डोंगरगढ़ से भी जुड़े पाए गए। सिविल लाइन थाने में दर्ज एफआईआर के खुलासे के बाद डोंगरगढ़ निवासी राजदीप सिंह भाटिया उर्फ यश पिता बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। रायपुर रेंज आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने दिल्ली, कर्नाटक और डोंगरगढ़ में एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी में डोंगरगढ़ में फाइनेंस बैंक के 104 म्यूल अकाउंट्स की पहचान हुई। इस सिंडिकेट से जुड़े 92 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की एक टीम कर्नाटक भेजी गई, जहां सॉफ्टवेयर डेवलपर आरोपी जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। आरोपी इंजीनियरों को हायर कर हुबली में सॉफ्टवेयर कंपनी चला रहा था।
डिजिटल अरेस्ट और म्यूल अकाउंट से करोड़ों ठगने वाले सिंडिकेट के 3 मास्टरमाइंड गिरफ्तार
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