रायपुर, 8 मई 2026। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एडमिशन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेश के करीब 400 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं आने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हैरानी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना क्यों नहीं चाह रहे हैं या फिर कहीं व्यवस्था में कोई खामी तो नहीं है।
सरकार की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि प्रदेश के लगभग 366 से 400 स्कूलों में RTE प्रवेश के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। इनमें अधिकांश बड़े और निजी स्कूल शामिल बताए जा रहे हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता से जांच जरूरी है।
डिवीजन बेंच ने शिक्षा विभाग से विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी तो पूरे एडमिशन सिस्टम की समीक्षा की जाएगी।
इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और RTE कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर फिर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर सरकार के जवाब और आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।
शिक्षा के अधिकार पर सवाल: हाईकोर्ट बोला- क्या बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते गरीब बच्चे?

Comments