CGPSC घोटाले में बड़ा झटका: आरोपी उत्कर्ष की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

रायपुर | 6 मई 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2022 परीक्षा घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। परीक्षा में धांधली कर अभ्यर्थियों को पास कराने के आरोप में फरार आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए स्पष्ट कहा कि इस तरह की गतिविधियां मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं।
CBI जांच में खुलासा हुआ है कि रायपुर के शांति नगर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर ने मोटी रकम लेकर 30 से 35 उम्मीदवारों को प्री और मेन्स परीक्षा के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे। इस पूरे नेटवर्क में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार बताया जा रहा है। जांच एजेंसी लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं, CBI ने अपनी अंतिम चार्जशीट में कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया है, जिसमें CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी का नाम भी शामिल है।
इस घोटाले ने राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभ्यर्थियों के बीच आक्रोश भी बढ़ा है।

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