खाद की लिमिट घटी, किसानों की टेंशन बढ़ी’: कृषि ऋण में नगद-खाद अनुपात 60:40 से 70:30 हुआ

रायपुर, 26 अप्रैल 2026। प्रदेश में कृषि ऋण के नगद-खाद अनुपात में बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने सहकारी समितियों से मिलने वाली खाद की लिमिट 40% से घटाकर 30% कर दी है। अब 70% नगद और 30% खाद का अनुपात होगा। पहले यह 60% नगद-40% खाद था। 10% कटौती से किसानों पर आर्थिक भार बढ़ना तय है।

खरीफ की तैयारी में अड़ंगा: 1 अप्रैल से अग्रिम खाद उठाव शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन नई व्यवस्था के चलते अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान संशकित हैं कि उन्हें समय पर पर्याप्त खाद मिलेगी या नहीं।

निजी दुकान-बिचौलिए हावी होने का डर: किसान संगठनों का कहना है कि पहले व्यवस्था में जरूरत की खाद मिल जाती थी*। *अब लिमिट घटने से किसानों को निजी दुकानदारों की मनमानी और बिचौलियों से ज्यादा कीमत पर खाद खरीदने की मजबूरी होगी। इससे खेती की लागत में अनावश्यक वृद्धि होगी।

क्या है नया अनुपात:
पहले: 60% नगद राशि + 40% खाद
अब: 70% नगद राशि + 30% खाद

किसानों की मांग: संगठनों ने पुराना अनुपात बहाल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि नगद बढ़ाने से खाद की कालाबाजारी बढ़ेगी और छोटे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

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