नई दिल्ली/रायपुर, 21 अप्रैल 2026। महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने BJP सरकार पर सीधा हमला बोला है। कहा- *‘543 लोकसभा सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। परिसीमन और जनगणना के नाम पर बिल को 2029 तक टालना महिलाओं के साथ धोखा है’*।
क्या है कांग्रेस की मांग: रंजीत रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ दोनों सदनों से पास होकर कानून बन चुका है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भी हो गए। *‘543 का 33% मतलब 181 सीटें। अगली लोकसभा में 181 महिला सांसद होनी चाहिए। इसके लिए किसी परिसीमन की जरूरत नहीं’*।
BJP पर 3 बड़े आरोप:
‘नियत साफ होती तो बिल में परिसीमन की शर्त नहीं डालते’
‘महिलाओं को 2024 में भी मौका नहीं दिया, अब 2029 की बात कर रहे’
‘ये बिल लाने का श्रेय लेना चाहते हैं, लागू नहीं करना चाहते’
‘परिसीमन का बहाना क्यों?’: कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया- *‘जब 1952 से बिना परिसीमन चुनाव हो रहे हैं, SC-ST आरक्षण चल रहा है, तो महिला आरक्षण के लिए परिसीमन जरूरी क्यों? ये सिर्फ टालने का बहाना है’*। *‘BJP को डर है कि 181 सीटों पर पुरुष नेताओं का टिकट कटेगा’*।
आंकड़ों का खेल: अभी लोकसभा में 78 महिला सांसद हैं, जो सिर्फ 14% है। 33% आरक्षण लागू होने पर 181 महिला सांसद होंगी। कांग्रेस का कहना है कि ‘मौजूदा सीटों पर ही रोटेशन से आरक्षण दिया जा सकता है। नए परिसीमन का इंतजार क्यों?’
BJP का तर्क: BJP का कहना है कि संविधान संशोधन में साफ लिखा है- ‘परिसीमन के बाद’ लागू होगा। *‘बिना सीटें बढ़ाए 181 सीट महिला आरक्षित करने से कई राज्यों का प्रतिनिधित्व घट जाएगा। परिसीमन से सीटें 543 से बढ़कर 800+ हो सकती हैं, तब 33% देना व्यावहारिक होगा’*।
आगे की रणनीति: कांग्रेस ने ऐलान किया कि संसद से सड़क तक मुद्दा उठाएंगे। ‘महिला कांग्रेस’ देशभर में ‘हक दो’ अभियान चलाएगी। *‘BJP बेनकाब होने तक संघर्ष जारी रहेगा’*।

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