रायपुर, 21 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में संविदा पर काम कर रहे हजारों कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। रविवार को रायपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक कर 12 सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया गया। सरकार को साफ चेतावनी दी गई- *‘मांगें पूरी करो, वरना आंदोलन होगा’*।
क्या हैं 12 बड़ी मांगें:
सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
7वां वेतनमान लागू करो
सेवा सुरक्षा कानून बनाओ, जब चाहे निकालने पर रोक
मेडिकल लीव, CL, EL की सुविधा
अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान
महिलाओं को मैटरनिटी लीव
स्थानांतरण नीति बनाओ
EPF, ग्रेच्युटी का लाभ
वेतन विसंगति दूर करो
अनुभव के आधार पर वेतन बढ़ोतरी
हटाए गए कर्मचारियों की बहाली
संविदा से पहले निकाले गए लोगों को समायोजन
कर्मचारियों का दर्द: संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- *‘4-5 साल से 15-20 हजार में काम कर रहे हैं। स्थायी शिक्षकों के बराबर काम, पर वेतन आधा भी नहीं। न जॉब सिक्योरिटी, न छुट्टी, न मेडिकल। बीमार पड़ो तो सैलरी कटती है। महिला कर्मचारी प्रेग्नेंसी में नौकरी से हाथ धो बैठती हैं’*।
कितने प्रभावित: प्रदेश के 377 आत्मानंद स्कूलों में करीब 8 हजार संविदा शिक्षक-लैब टेक्नीशियन-लाइब्रेरियन-ऑफिस स्टाफ काम कर रहे हैं। पिछले 2 साल में 200 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना कारण हटाया जा चुका है।
आंदोलन की रूपरेखा: संघ ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांगें नहीं मानी तो पहले चरण में काली पट्टी बांधकर काम, दूसरे चरण में स्कूलों में तालाबंदी और तीसरे चरण में रायपुर में महाआंदोलन होगा। *‘पढ़ाई ठप होगी तो जिम्मेदार सरकार होगी’*।
सरकार का पक्ष: शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा- *‘मांगपत्र मिला है। परीक्षण कर शासन को भेजेंगे। बजट और नीति का मामला है। कर्मचारियों से चर्चा के लिए तैयार हैं’*।

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