‘जग्गी हत्याकांड में ट्विस्ट’: अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, 23 अप्रैल को होगी अहम सुनवाई | CBI अपील और उम्रकैद फैसले पर एक साथ सुनवाई करेगा SC

नई दिल्ली/रायपुर, 20 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को फिलहाल राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने CBI की अपील पर सुनवाई की अनुमति दे दी है और 23 अप्रैल को इस पर अहम सुनवाई तय की है।

क्या है मामला: 4 जून 2003 को NCP नेता रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। CBI जांच में तत्कालीन CM अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत 30 लोगों को आरोपी बनाया गया था। 2007 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि 27 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

CBI क्यों पहुंची SC: बरी के फैसले के खिलाफ CBI ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर अब CBI सुप्रीम कोर्ट पहुंची। CBI का तर्क है कि अमित जोगी की भूमिका के पुख्ता सबूत थे, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने नजरअंदाज किया।

अमित जोगी की याचिका भी पेंडिंग: दूसरी तरफ उम्रकैद पाए कुछ दोषियों ने भी SC में अपील कर रखी है। अमित जोगी ने भी CBI की अपील खारिज करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब दोनों मामलों को टैग कर दिया है।

23 अप्रैल को क्या होगा: SC की बेंच 23 अप्रैल को CBI की अपील पर सुनवाई की अनुमति और उम्रकैद के फैसले पर एक साथ सुनवाई करेगी। अमित जोगी को फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। सुनवाई के बाद तय होगा कि *CBI की अपील चलेगी या नहीं*।

सियासी मायने: छत्तीसगढ़ की राजनीति में जग्गी हत्याकांड हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है। अजीत जोगी के निधन के बाद अमित जोगी JCCJ के अध्यक्ष हैं। 23 साल पुराने केस में SC का फैसला राज्य की सियासत पर असर डाल सकता है।

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