रायपुर । गर्मियों में फर्मेंटेड फूड सेहत के लिए फायदे की जगह जानलेवा भी हो सकता है। हाल ही में ओवर फर्मेंटेड फूड खाने से एक बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी में बासी दही, इडली-डोसा बैटर, कांजी, ढोकला जल्दी खराब हो जाते हैं।
क्यों खतरनाक है ओवर फर्मेंटेशन: 35-44°C तापमान में फर्मेंटेशन प्रोसेस 3-4 गुना तेज हो जाता है। 2-3 घंटे में ही बैक्टीरिया-फंगस पनपने लगते हैं। लिस्टेरिया, साल्मोनेला, ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया बनते हैं जो फूड पॉइजनिंग, डायरिया, उल्टी, पेट दर्द से लेकर किडनी-लीवर फेल तक कर सकते हैं।
इन 4 हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क:
एक्यूट फूड पॉइजनिंग: उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, तेज बुखार
गैस्ट्रोएंटेराइटिस: पेट में मरोड़, लूज मोशन, कमजोरी
बैक्टीरियल इंफेक्शन: ब्लड इंफेक्शन, किडनी पर असर
न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम: बोटुलिज्म से पैरालिसिस का खतरा
गर्मियों में बरतें ये 5 सावधानियां:
2 घंटे का नियम: फर्मेंटेड फूड को *कमरे के तापमान पर 2 घंटे से ज्यादा न रखें*। तुरंत फ्रिज में डालें।
स्मेल-टेस्ट जरूरी: खट्टी-तीखी अजीब स्मेल, झाग, रंग बदलना, चिपचिपाहट दिखे तो तुरंत फेंक दें। टेस्ट न करें।
छोटे बैच बनाएं: एक बार में कम बैटर फर्मेंट करें। 24 घंटे में इस्तेमाल कर लें।
फ्रिज में भी लिमिट: फ्रिज में रखा इडली बैटर 2-3 दिन, दही 1-2 दिन से ज्यादा न खाएं।
बच्चे-बुजुर्ग रहें दूर: 5 साल से कम बच्चे, प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग ओवर फर्मेंटेड फूड बिल्कुल न खाएं। इम्यूनिटी कम होती है।
क्या न करें: फफूंद लगा, ज्यादा खट्टा, बुलबुले वाला फूड गर्म करके न खाएं। टॉक्सिन गर्मी से खत्म नहीं होते। ‘थोड़ा खट्टा है, चल जाएगा’ वाली सोच जानलेवा है।
एक्सपर्ट की सलाह: गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट का कहना है- ‘गर्मी में ताजा खाएं, बासी से बचें। उल्टी-दस्त होने पर तुरंत ORS दें और डॉक्टर को दिखाएं।’

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