मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
हालांकि मानसून की सक्रियता बढ़ने के बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में इस सीजन में औसत कोटे की तुलना में लगभग 65 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई थी, लेकिन अब मानसून के विस्तार से खेती-किसानी को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने भी संभावित आकाशीय बिजली और तेज बारिश को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
यदि अगले 24 घंटों में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होता है, तो धान की बुवाई समेत खरीफ फसलों की तैयारियों को गति मिलेगी और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने की संभावना भी रहेगी।

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