जरुरी खबर: DPI का सख्त फरमान: ऑनलाइन उपस्थिति नहीं, तो उपस्थिति शून्य और वेतन भी बंद

रायपुर, 12 जून 2026। छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 16 जून 2026 से सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।
डीपीआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्कूलों के कर्मचारियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) App के माध्यम से दर्ज की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होती है तो उसकी उपस्थिति शून्य मानी जाएगी और जून माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
 
बायोमेट्रिक उपस्थिति भी अनिवार्य
 
कार्यालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए Aadhar Enabled Biometric Attendance System (AEBAS) के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने पाया है कि कई अधिकारी और कर्मचारी अब तक बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में 16 जून से AEBAS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति शून्य मानी जाएगी और वेतन भुगतान पर रोक लग सकती है। इसके लिए आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) भी जिम्मेदार होंगे।
 
छुट्टी के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन
 
डीपीआई ने अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक केवल HRMIS पोर्टल के माध्यम से ही अवकाश आवेदन कर सकेंगे। विभाग ने ऑफलाइन अवकाश आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है।
आदेश में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी द्वारा ऑफलाइन अवकाश स्वीकृत किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और सभी रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है।
नई व्यवस्था के तहत 16 जून से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में उपस्थिति और अवकाश संबंधी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी।

Comments