डीजल बिक्री पर बड़ा बदलाव: अब रिटेल पंप से कॉमर्शियल खरीद पर लगेगी सीमा, जाने कितनी मिलेगी

नई दिल्ली, 12 जून 2026। देश में डीजल की खुदरा बिक्री व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए नियमों के तहत किसी भी ग्राहक को रिटेल पेट्रोल पंप से 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर ईंधन का उपयोग करने वाले कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को अब रिटेल पंपों के बजाय विशेष थोक (Bulk) आउटलेट्स से डीजल खरीदना होगा।
जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य रिटेल और कॉमर्शियल ईंधन बिक्री के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करना है। नए नियम लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनियां, निर्माण एजेंसियां, खनन क्षेत्र और बड़े औद्योगिक उपभोक्ता सीधे थोक डीजल डिपो या अधिकृत बल्क सप्लायर्स से ईंधन खरीदेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि थोक आउटलेट से मिलने वाला डीजल रिटेल पंपों की तुलना में लगभग 35 से 40 रुपये प्रति लीटर तक महंगा पड़ सकता है। इससे परिवहन, लॉजिस्टिक्स, निर्माण और अन्य उद्योगों की परिचालन लागत बढ़ने की संभावना है। लागत बढ़ने का असर माल भाड़े और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि यह कदम ईंधन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया जा रहा है। इससे रिटेल उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने और बड़े पैमाने पर होने वाली खरीद की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी।
हालांकि, उद्योग संगठनों ने इस बदलाव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक गतिविधियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अंततः बाजार पर पड़ सकता है।

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