‘हेल्थ इंडस्ट्री का नया सुपरफूड’: मशरूम सप्लीमेंट क्यों हो रहा वायरल, इम्यूनिटी से लेकर ब्रेन पावर तक फायदे, एक्सपर्ट से जानें साइड इफेक्ट और सही डोज


नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2026। हेल्थ और वेलनेस इंडस्ट्री में मशरूम सप्लीमेंट नया ट्रेंड बन गया है। इम्यूनिटी बूस्टर से लेकर ब्रेन हेल्थ तक के दावों के साथ रेइशी, शिटाके, कॉर्डिसेप्स और लायन्स मेन मशरूम के कैप्सूल, पाउडर और गमीज मार्केट में छा गए हैं। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि ये कितने फायदेमंद हैं और किन्हें साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

क्या हैं फायदे: न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रिया शर्मा के मुताबिक मेडिसिनल मशरूम में बीटा-ग्लूकन, एंटीऑक्सीडेंट और एडाप्टोजन होते हैं।
रेइशी मशरूम: स्ट्रेस कम करता है, नींद अच्छी करता है।
लायन्स मेन: मेमोरी और फोकस बढ़ाता है, नर्व हेल्थ के लिए *बेस्ट*।
कॉर्डिसेप्स: एनर्जी और स्टैमिना बूस्ट करता है, एथलीट्स लेते हैं।
शिटाके: इम्यूनिटी मजबूत करता है, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में *मददगार*।
तुर्की टेल: गट हेल्थ और कैंसर थेरेपी में सपोर्टिव माना जाता है।

साइड इफेक्ट भी जान लें: एक्सपर्ट चेताते हैं कि हर सप्लीमेंट सबके लिए *सेफ नहीं*।
एलर्जी: कुछ लोगों को स्किन रैश, पेट खराब हो सकता है।
ब्लड थिनर: मशरूम खून पतला करते हैं। जो एस्पिरिन या वारफरिन ले रहे हैं, वो डॉक्टर से *पूछें*।
किडनी स्टोन: शिटाके में ऑक्सलेट ज्यादा होता है। किडनी पेशेंट न लें।
ऑटोइम्यून: लूपस, रुमेटाइड आर्थराइटिस के मरीजों में इम्यूनिटी ओवरएक्टिव कर सकते हैं।
प्रेग्नेंसी: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं अवॉइड करें।

कैसे लें सही डोज: डॉ. शर्मा कहती हैं कि 500mg से 2000mg रोजाना डोज सेफ मानी जाती है। हमेशा फूड के साथ लें*। *‘एक्सट्रैक्ट’ लेबल वाले प्रोडक्ट बेहतर हैं, क्योंकि उनमें एक्टिव कंपाउंड ज्यादा होता है। लोकल ब्रांड से बचें, थर्ड पार्टी लैब टेस्टेड ही *खरीदें*।

नतीजा: मशरूम सप्लीमेंट फायदेमंद है, लेकिन मैजिक पिल नहीं*। *हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल की जगह नहीं ले सकता। किसी भी बीमारी में डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें।

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