‘जेल में 100 प्रहरी भर्ती पर पेंच’: 11 साल बाद निकली वैकेंसी, पर जरूरत के सिर्फ 20% पद मंजूर, अग्निवीर आरक्षण से अटकी परीक्षा, CGPSC लेगा एग्जाम, पर तारीख तय नहीं

रायपुर, 25 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ जेल विभाग में 11 साल बाद प्रहरी भर्ती का रास्ता साफ हुआ है, पर पेंच अब भी फंसा है। राज्य शासन ने 100 प्रहरियों के पदों पर भर्ती को हरी झंडी दी है। पर ये मंजूरी जरूरत के सिर्फ 20 फीसदी पदों पर मिली है। 15 साल पहले स्वीकृत 535 पद आज भी खाली हैं।

CGPSC लेगा परीक्षा, व्यापमं ने किया इनकार: शुरुआत में प्रस्ताव व्यापमं को भेजा गया था। पर व्यापमं ने 2026 में खुद के व्यस्त कैलेंडर का हवाला देकर इनकार कर दिया। अब लोक सेवा आयोग ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। हालांकि आवेदन और परीक्षा की तारीख अभी तय नहीं है।

‘अग्निवीर आरक्षण’ बना सबसे बड़ा रोड़ा: भर्ती में देरी की असली वजह अग्निवीर आरक्षण है। शासन की घोषणा के मुताबिक पुलिस और जेल भर्ती में अग्निवीरों को 20% आरक्षण देना है। पर सेवा नियमों में अभी तक संशोधन नहीं हुआ है। नए नियम बनने तक विज्ञापन जारी होने में देर हो सकती है।

जेलों का हाल बेहाल: प्रदेश की जेलों में कैदियों की संख्या 21,000 पहुंच गई है, जबकि क्षमता सिर्फ 15,000 है। इनकी निगरानी के लिए केवल 1500 स्टाफ तैनात हैं। 15 साल पहले के मानकों से भी 2000 से अधिक स्टाफ होना चाहिए। स्टाफ की भारी कमी से सुरक्षा व्यवस्था खतरे में है।

नियम भी बदला, लाखों आवेदन की उम्मीद: इस बार भर्ती का पैटर्न भी बदला गया है। 100 पदों के लिए लाखों आवेदन आने की उम्मीद है। इसलिए पहले CGPSC लिखित परीक्षा लेगा। मंजूर पदों से सौ गुना ज्यादा उम्मीदवारों को मेरिट पर शारीरिक परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। फाइनल मेरिट लिखित + फिजिकल + बोनस अंक जोड़कर बनेगी। आखिरी भर्ती 2014 में हुई थी।

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