‘विशेष सत्र पर सियासी घमासान’: चरणदास महंत बोले- ‘राज्यपाल का पत्र आया, जाना पड़ेगा’, डिप्टी CM का पलटवार- ‘विपक्ष ने छीने महिलाओं के संवैधानिक अधिकार, सत्र में करेंगे एक्सपोज’

रायपुर, 24 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने साफ किया कि ‘राज्यपाल का पत्र आया है, इसलिए विशेष सत्र में जाना पड़ेगा’*। *वहीं उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला।

डिप्टी CM का बड़ा आरोप: उपमुख्यमंत्री ने कहा- ‘विपक्ष ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकार छीने हैं। विशेष सत्र में हम उन्हें एक्सपोज करेंगे’*। *उन्होंने दावा किया कि सरकार महिला आरक्षण और महिलाओं के हक के मुद्दे पर विपक्ष की पोल खोलेगी*। *‘कांग्रेस सिर्फ राजनीति करती है, महिलाओं के हित में काम नहीं किया’, डिप्टी CM ने *कहा*।

चरणदास महंत का रुख: नेता प्रतिपक्ष ने राजभवन से आए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सत्र में शामिल होना मजबूरी है। हालांकि उन्होंने सरकार को घेरने के संकेत भी दिए। ‘सरकार बताए कि विशेष सत्र क्यों बुलाया? जनता के मुद्दे कब उठेंगे’, महंत ने सवाल उठाया।

क्या है विशेष सत्र का एजेंडा: सूत्रों के मुताबिक विशेष सत्र में महिला आरक्षण, OBC आरक्षण और कुछ अहम विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। सरकार और विपक्ष दोनों एक-दूसरे को घेरने की तैयारी में हैं। सदन में जोरदार हंगामे के आसार हैं।

सियासी मायने: लोकसभा चुनाव के बाद हो रहे इस सत्र को 2028 विधानसभा की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। महिला वोटबैंक को साधने के लिए दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। सरकार जहां उपलब्धियां गिनाएगी, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था और महंगाई पर *घेरेगा*।

Comments