‘पेपर जांच में लापरवाही पड़ी भारी’: 12वीं बायोलॉजी के 2 व्याख्याता ब्लैकलिस्ट, माशिमं ने 2029 तक परीक्षा काम से हटाया, मॉडल आंसर गलत निकला

रायपुर, 23 अप्रैल 2026। 12वीं जीव विज्ञान के प्रश्न पत्र विश्लेषण में गंभीर लापरवाही बरतने पर माशिमं ने दो व्याख्याताओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। दोनों को 1 जून 2026 से 31 मई 2029 तक 3 साल के लिए सभी परीक्षा कार्यों से वंचित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग को भी विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।

क्या था मामला: बोर्ड परीक्षा के बाद माशिमं हर विषय के प्रश्न पत्र का विशेषज्ञों से विश्लेषण कराता है। देखा जाता है कि पेपर ब्लूप्रिंट के अनुसार है या नहीं, प्रश्न त्रुटिपूर्ण या सिलेबस से बाहर तो नहीं। 12वीं बायोलॉजी के विश्लेषण का जिम्मा भिलाई के शास. उच्चतर मा. विद्यालय करंजा की व्याख्याता नागेश्वरी साहू और रायपुर के प्रो. जे.एन. पांडेय शास. उच्चतर मा. विद्यालय की व्याख्याता सरिता देवांगन को दिया गया था।

कैसे खुली पोल: दोनों व्याख्याताओं ने विश्लेषण रिपोर्ट में मॉडल आंसर तैयार किए। लेकिन जब मूल्यांकन केंद्रों में कॉपियां जांची गईं तो मूल्यांकनकर्ताओं ने मॉडल आंसर पर ही सवाल उठा दिए*। *शिकायत पर माशिमं ने दूसरे विशेषज्ञों से दोबारा विश्लेषण कराया। जिसमें पहला विश्लेषण पूरी तरह त्रुटिपूर्ण निकला।

माशिमं सख्त: मंडल अध्यक्ष एवं सचिव ने इस पर नाराजगी जताई। सचिव पुष्पा साहू ने कहा- ‘परीक्षा-मूल्यांकन कार्य बेहद संवेदनशील है। इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’*। *नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गलत विश्लेषण से मूल्यांकन कार्य प्रभावित हुआ था।

अब क्या होगा: 1 जून 2026 से 31 मई 2029 तक नागेश्वरी साहू और सरिता देवांगन से पेपर सेटिंग, मूल्यांकन, विश्लेषण, उड़नदस्ता जैसा कोई भी परीक्षा संबंधी कार्य नहीं लिया जाएगा। 3 साल का बैन खत्म होने के बाद ही दोबारा मौका मिलेगा।

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