राहुल गांधी ने पार्टी पदाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि देश के युवा अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं। प्रश्नपत्र लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी, बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना, सरकारी पदों का खाली रहना, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत ने लाखों युवाओं और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' रैली के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा की शुरुआत की गई थी। मौजूदा शिक्षा प्रणाली युवाओं को बेहतर भविष्य देने के बजाय उन्हें कर्ज, तनाव और अनिश्चितता के दुष्चक्र में धकेल रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के शोषण और उनके सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं को देशभर में प्रभावी ढंग से सामने लाना जरूरी है। उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को पूरी ताकत से समर्थन देने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी नेता मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करें, जहां युवाओं को उनके अधिकार, अवसर और सम्मान मिल सके।

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