विधायक से विवाद के बाद नायब तहसीलदार हटाए गए, SDM पर भी कार्रवाई के संकेत

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नायब तहसीलदार तुषार मानिक को उनके वर्तमान पद से हटाकर अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार एसडीएम फागेश सिन्हा का तबादला आदेश भी जल्द जारी हो सकता है।
पूरा मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इस शिकायत के आधार पर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने विरोध स्वरूप हड़ताल शुरू कर दी थी।
हड़ताल के दौरान राजस्व अधिकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की थी। मामला बढ़ने पर राजस्व मंत्री के आश्वासन के बाद प्रदेशभर में चल रही हड़ताल समाप्त हुई और अधिकारी काम पर लौट आए।
इस बीच 3 जून को विधायक रामकुमार टोप्पो ने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा को हटाने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद विधायक समर्थक दो आरोपियों ने थाने में सरेंडर भी किया।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार तुषार मानिक को अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। साथ ही राजापुर उप तहसील का प्रभार सीतापुर तहसीलदार उमेश बाज को सौंपा गया है। हालांकि आदेश बुधवार को जारी हुआ था, लेकिन इसकी जानकारी शुक्रवार को सार्वजनिक हुई।
हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार से तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। कामकाज सामान्य होने के बाद शुक्रवार को तहसीलों में बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यों के लिए पहुंचे।
विवाद की जड़ में विधायक की चचेरी बहन से कथित अभद्रता का मामला बताया जा रहा है। विधायक रामकुमार टोप्पो का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ अभद्र व्यवहार किया था। वहीं तुषार मानिक का कहना है कि इसी आरोप को लेकर विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की थी। दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने काउंटर एफआईआर दर्ज की थी।
इस घटनाक्रम ने प्रदेशभर के राजस्व अधिकारियों को एकजुट कर दिया था और मामला राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। अब नायब तहसीलदार को हटाए जाने के बाद निगाहें एसडीएम फागेश सिन्हा पर संभावित कार्रवाई और विधायक की गिरफ्तारी को लेकर आगे की स्थिति पर टिकी हुई हैं।

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