स्कूली बच्चों के लिए AI रीडिंग प्रोग्राम शुरू, देश का तीसरा राज्य बना CG | जशपुर-दुर्ग के 50 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट

रायपुर, 24 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ की शिक्षा में AI क्रांति की शुरुआत हो गई है। गुजरात-राजस्थान के बाद CG देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां स्कूली बच्चों की पढ़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए AI आधारित रीडिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जशपुर और दुर्ग जिले के 25-25 प्राइमरी स्कूलों का चयन हुआ है।

क्या है ओआरएफ टूल: SCERT और ‘वाधवानी AI’ ने मिलकर ‘मौखिक धारा पठन’ (ORF) टूल बनाया है। ये टूल बच्चे की आवाज रिकॉर्ड कर 2-3 मिनट में लिखित शब्दों में बदल देता है। इससे टीचर को हर बच्चे की पढ़ने की स्पीड और शुद्धता का सटीक डेटा मिल जाता है। फिर उसी के हिसाब से कमजोर बच्चों पर खास ध्यान दिया जाएगा।

200 घंटे वॉयस डेटा से ट्रेन हुआ AI: छत्तीसगढ़ी बोली और स्थानीय उच्चारण समझने के लिए 15 जिलों के 300+ स्कूलों से 200 घंटे का वॉयस डेटा इकट्ठा किया गया। इससे AI मॉडल को प्रदेश के बच्चों के हिसाब से ट्रेन किया गया है।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले: ‘ये सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, टीचर्स के लिए भी बड़ा बदलाव है। अब हर बच्चे के पढ़ने, लिखने, सोचने का लेवल डेटा से पता चलेगा। एक साथ दो जिलों में शुरू कर रहे हैं, जल्द पूरे प्रदेश में लागू होगा’।

6 चरणों में लागू होगा प्रोग्राम:
प्रशिक्षण: टीचर्स को AI टूल चलाने की ट्रेनिंग।
एकीकरण: मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, नया ऐप नहीं।
बेसलाइन आकलन: सत्र शुरू होते ही बच्चों का लेवल चेक।
आकलन परिणाम: बच्चों को 4 ग्रुप में बांटकर पढ़ाई।
सुधार हेतु सहयोग: कमजोर बच्चों के लिए रेमेडियल क्लास।
एंडलाइन आकलन: अंत में प्रगति का मूल्यांकन।

‘AI सक्षम शिक्षा अभियान’ भी शुरू: इसके साथ ही 2 लाख+ टीचर्स को डिजिटल टूल्स और AI शिक्षण की ट्रेनिंग देने के लिए ‘AI सक्षम शिक्षा अभियान’ भी रायपुर से शुरू हो गया है। गूगल इंडिया और रायपुर प्रशासन के बीच LoI भी साइन हुआ है।

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