‘अगले 3 महीने नो छुट्टी’: छत्तीसगढ़ सरकार का सख्त फरमान, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, सुशासन तिहार के लिए 1 मई से 31 जुलाई तक बैन, इमरजेंसी में ही मिलेगी लीव

रायपुर, 22 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। अगले 3 महीने तक छुट्टी लेना मुश्किल हो गया है। राज्य सरकार ने 1 मई से 31 जुलाई 2026 तक सभी तरह की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

वजह क्या है: 1 मई से प्रदेशभर में ‘सुशासन तिहार’ शुरू हो रहा है। 3 महीने तक चलने वाले इस अभियान में सरकार का फोकस ‘जन समस्याओं का मौके पर समाधान’ करना है। हर विभाग के मैदानी अफसर-कर्मचारी को फील्ड में रहकर जनता की शिकायतें सुननी और निराकरण करना है। इसीलिए छुट्टियों पर बैन लगाया गया है।

किन छुट्टियों पर रोक: आकस्मिक अवकाश CL, अर्जित अवकाश EL, मेडिकल लीव समेत सभी तरह की छुट्टियां रद्द रहेंगी। सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी, शादी या घर में मौत जैसी गंभीर स्थिति में कलेक्टर की अनुमति से छुट्टी मिल सकती है। बिना बताए गायब रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

किसे मिल सकती है छूट: आदेश में साफ लिखा है कि ‘अनिवार्य सेवा’ वाले विभाग जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस में ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से कुछ छूट दी जा सकती है। गर्मी छुट्टी में स्कूल शिक्षकों और अस्पताल में डॉक्टर-नर्स की छुट्टी विभागीय जरूरत के हिसाब से तय होगी। पर बाकी विभागों के बाबू से लेकर अधिकारी तक सबको फील्ड में रहना होगा।

क्या करना होगा: सुशासन तिहार में हर ब्लॉक-ग्राम पंचायत में शिविर लगेंगे। राशन कार्ड, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, बिजली-पानी, सड़क जैसी समस्याएं मौके पर सुलझानी हैं। CMO, CEO, तहसीलदार, पटवारी, सचिव सबको कैंप में मौजूद रहना है। रोज की प्रगति रिपोर्ट भेजनी होगी।

कर्मचारी संगठनों की नाराजगी: छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने विरोध जताया है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा बोले- ‘मई-जून में शादी-ब्याह का सीजन होता है। बच्चों की गर्मी छुट्टी भी है। 3 महीने का बैन गलत है। कम से कम CL तो चालू रखनी चाहिए’। सरकार का तर्क है कि ‘जनता पहले’, सुशासन तिहार खत्म होते ही बैलेंस छुट्टी ले सकेंगे।

पहले भी लगा था बैन: चुनाव, धान खरीदी, बोर्ड एग्जाम के वक्त भी सरकार छुट्टियां रद्द करती रही है। पर 3 महीने का बैन पहली बार लगा है। पिछले साल सुशासन तिहार 1 महीने का था, इस बार 3 महीने का है।

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