जगदलपुर, 22 अप्रैल 2026। बस्तर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक हो गया। ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर अपने परिवार के साथ प्राइवेट जेट से मंगलवार सुबह जगदलपुर पहुंचे। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़े, बस्तरिया नृत्य से उनका स्वागत हुआ। सचिन यहां आदिवासी बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे और कुपोषण के खिलाफ अभियान से जुड़ेंगे।
क्यों आए बस्तर: सचिन तेंदुलकर यूनिसेफ के गुडविल एम्बेसडर हैं। बस्तर में कुपोषण और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर यूनिसेफ का बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है। इसी के तहत सचिन का 2 दिन का दौरा है। वे बच्चों को स्पोर्ट्स के लिए मोटिवेट करेंगे। ‘खेल से सेहत’ का मैसेज देंगे।
बच्चों का जोश हाई: जगदलपुर के प्रियदर्शिनी स्टेडियम में सुबह 7 बजे से ही 500 से ज्यादा आदिवासी बच्चे सचिन का इंतजार कर रहे थे। 45°C की गर्मी के बाद भी बच्चों के चेहरे पर थकान नहीं, चमक थी। लोहंडीगुड़ा के 12 साल के सोनू ने कहा- *‘टीवी पर सचिन सर को देखा था। आज सामने से देखेंगे, साथ खेलेंगे। नींद ही नहीं आई रातभर’*।
क्या होगा शेड्यूल: आज दोपहर सचिन प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे। टेनिस बॉल से मैच होगा। सचिन खुद बैटिंग-बॉलिंग करेंगे। बच्चों को टिप्स देंगे। शाम को दंतेवाड़ा जाकर आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा करेंगे। कल बुधवार को बीजापुर के स्कूल में पोषण वाटिका का उद्घाटन करेंगे।
परिवार भी साथ: सचिन के साथ पत्नी अंजलि, बेटी सारा और बेटा अर्जुन भी आए हैं। सारा और अर्जुन भी बच्चों के साथ वक्त बिताएंगे। सचिन ने एयरपोर्ट पर कहा- *‘बस्तर की मिट्टी में आकर धन्य हो गया। यहां के बच्चों में टैलेंट है। बस मौका चाहिए। खेल से कुपोषण भी हारेगा’*।
प्रशासन अलर्ट: कलेक्टर-एसपी खुद एयरपोर्ट पर मौजूद थे। स्टेडियम के चारों तरफ सुरक्षा कड़ी है। हजारों लोग सचिन की एक झलक पाने सड़कों पर जमा हैं। ‘सचिन-सचिन’ के नारे लग रहे हैं।
पहले भी आए थे क्रिकेटर: 2022 में वेंकटेश अय्यर बस्तर आए थे। पर सचिन जैसा बड़ा नाम पहली बार बस्तर पहुंचा है। बस्तर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ये किसी त्योहार से कम नहीं।

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