युक्तियुक्तकरण के आदेश के बाद भी नहीं की जॉइनिंग
गौरतलब है कि जून 2025 में शासन के निर्देश पर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का बड़े पैमाने पर युक्तियुक्तकरण किया गया था। इसके तहत शिक्षकों की नई जगहों पर पदस्थापना की गई और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की समय-सीमा भी निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद बिलासपुर संभाग और जिले के कई शिक्षक एवं व्याख्याता अब तक नई शालाओं में उपस्थित नहीं हुए हैं और अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं।
DPI ने जताई नाराजगी
DPI द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आदेशों के बावजूद अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं किया जाना संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाता है। नोटिस में संभागीय संयुक्त संचालक आर.पी. आदित्य और जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे से पूछा गया है कि अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
जिले के 7 शिक्षक अब भी गायब
जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले में करीब सात शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने युक्तियुक्तकरण आदेश के एक वर्ष बाद भी अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। DPI ने पूर्व में इनके निलंबन के निर्देश भी जारी किए थे, लेकिन उस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।
तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
DPI ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तीन दिनों के भीतर अनुपस्थित शिक्षकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजे जाएं। साथ ही प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी इस संबंध में चेतावनी जारी की गई है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा।

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