अटैचमेंट विवाद के बीच धमतरी जिले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोरातराई में पदस्थ किए गए प्राचार्य अजय कुमार देशपांडे को जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद समग्र शिक्षा राज्य कार्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया था। मामला तूल पकड़ने के बाद डीईओ ने कुछ ही घंटों में समग्र शिक्षा राज्य कार्यालय को पत्र लिखकर उन्हें वापस स्कूल भेजने का अनुरोध किया।
दरअसल, राज्य शासन ने 5 जून 2025 से अटैचमेंट समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यालयों, छात्रावासों और अन्य विभागीय इकाइयों में शिक्षकों और प्राचार्यों की अटैचमेंट जारी रही। अब लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को पत्र भेजकर ऐसे कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी है, जिन्हें आदेश के बावजूद स्कूलों से हटाकर कार्यालयों में रखा गया है।
कई वर्षों बाद व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नति मिली थी और कुछ महीने पहले ही उनकी स्कूलों में पदस्थापना की गई थी। लेकिन पदस्थापना के कुछ समय बाद ही कई प्राचार्य फिर से कार्यालयों में दिखाई देने लगे। कुछ का अटैचमेंट कर दिया गया, जबकि कुछ ने तबादले के जरिए स्कूल छोड़ दिए। यही स्थिति शिक्षकों और व्याख्याताओं की भी है। लगातार हो रहे अटैचमेंट और तबादलों के कारण कई स्कूल एक बार फिर प्राचार्यविहीन हो गए हैं।

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