छत्तीसगढ़ में 1 मई से घर-घर दस्तक देगी जनगणना: मकान-वाहन से लेकर बैंक खाते तक, पूछे जाएंगे 33 सवाल, मोबाइल से 7 स्टेप में खुद भर सकेंगे फॉर्म

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10 साल बाद एक बार फिर जनगणना का दौर शुरू होने जा रहा है। 1 मई 2026 से राज्य में जनगणना 2026 के पहले चरण यानी 'हाउसलिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस' की शुरुआत होगी। इस बार सर्वे सिर्फ कागज-पेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आप मोबाइल से खुद भी 7 स्टेप्स में अपनी जानकारी भर सकेंगे।

क्या-क्या पूछा जाएगा: 33 सवालों की लिस्ट
इस बार जनगणना कर्मी आपके घर आकर या आप खुद ऑनलाइन पोर्टल/ऐप पर परिवार और मकान से जुड़े 33 सवालों के जवाब देंगे। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मकान की जानकारी: घर पक्का है या कच्चा, कितने कमरे, छत-दीवार किस चीज की बनी, पीने के पानी का सोर्स, शौचालय है या नहीं।
सुविधाएं: बिजली, LPG कनेक्शन, इंटरनेट, कंप्यूटर/लैपटॉप, स्मार्टफोन है या नहीं।
वाहन: घर में साइकिल, टू-व्हीलर, कार, ट्रैक्टर में से क्या-क्या है।
एसेट्स: टीवी, फ्रिज, रेडियो, बैंक अकाउंट।
परिवार: मुखिया का नाम, सदस्यों की संख्या, दिव्यांग सदस्य, आदि।

कैसे होगी पूरी प्रक्रिया: 7 स्टेप में ऑनलाइन
लॉगिन: census.gov.in पोर्टल या मोबाइल ऐप पर मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।
OTP वेरिफाई: मोबाइल पर आए OTP से वेरिफिकेशन।
एड्रेस भरें: राज्य, जिला, गांव/वार्ड की डिटेल।
मकान की जानकारी: 33 सवालों का फॉर्म भरें।
परिवार की डिटेल: हर सदस्य की बेसिक जानकारी।
रिव्यू: भरी हुई जानकारी चेक करें।
सबमिट: फाइनल सबमिट करते ही यूनिक HLO ID मिलेगी, जिसे गणनाकर्ता को दिखाना होगा।

कब तक चलेगा: पहला चरण 1 मई से शुरू होकर करीब 45 दिन यानी 15 जून तक चलेगा। इसके बाद 2027 की शुरुआत में जनसंख्या गणना यानी दूसरा चरण होगा।

क्यों जरूरी है ये जनगणना: इसी डेटा के आधार पर अगले 10 साल तक सरकारी योजनाएं, राशन, स्कूल, अस्पताल, सड़क का बजट तय होता है। घर में शौचालय नहीं है तो स्वच्छ भारत का टारगेट, इंटरनेट नहीं है तो डिजिटल इंडिया का गैप - सब इसी से पता चलता है।

जरूरी बात: गणनाकर्ता के पास ID कार्ड होगा। कोई भी जानकारी देने से पहले ID जरूर चेक करें। आपकी दी गई सभी जानकारी गोपनीय रहती है और इसका इस्तेमाल सिर्फ सरकारी नीतियों के लिए होता है।

Comments