छत्तीसगढ़ टाइम्स डॉट कॉम । रायपुर/बिलासपुर/रायगढ़
वो कहते हैं ना कि अगर किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे आप तक लाने में जुट जाती है। यह वाक्या बिलासपुर की बिटिया अंशु अग्रवाल के सपनों पर सटीक बैठती है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई हाल ही में संपन्न करने वाली अंशु अग्रवाल ने अपने तय लक्ष्य के मुताबिक ना सिर्फ एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की, बल्कि पूरे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों से ज्यादा अंक हासिल किया। हाल ही में नया रायपुर में आयोजित स्वर्ण पदक अलंकरण समारोह में दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के द्वारा अंशु को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। अंशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को दिया है।
बिलासपुर के तोरवा निवासी अनिल अग्रवाल व ज्योति अग्रवाल की बिटिया अंशु अग्रवाल बचपन से ही प्रतिभावान रही है। अंशु के पिताजी अनिल अग्रवाल व्यवसायी है, वही उनकी मां ज्योति अग्रवाल समाज सेविका के रूप सक्रिय हैं व जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। एमबीबीएस की प्रवेश परीक्षा में पहले प्रयास में ही सफलता अर्जित कर अंशु ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्र के रूप में प्रवेश किया। कड़ी मेहनत व पढ़ाई के प्रति समर्पण के कारण वह एमबीबीएस पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ समेत सभी वर्षों में अपने सहपाठी छात्रों से अव्वल रही। वही एमबीबीएस के समग्र परीक्षा परिणाम में प्रदेशभर में सबसे ज्यादा अंक हासिल कर तीन-तीन गोल्ड मेडल हासिल किया।
यह मेरी नहीं मां की उपलब्धि है... मां है तो मुमकिन है..
चर्चा के दौरान डॉ अंशु ने बताया कि उसकी इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनकी मां ज्योति अग्रवाल का है। बचपन से ही मम्मी ने हर काम में अपना बेस्ट योगदान देने पर जोर दिया। कठिन समय में भी पॉजिटिव रहने के उनके सुझाव ने जीवन के अनेक पड़ाव में संजीवनी की भूमिका अदा की। उन्होंने कहा कि मां का आशीर्वाद है तो जीवन की कठिन से कठिन परीक्षा में भी सफलता मुमकिन है।
10वीं व 12वीं कक्षा में भी किया था टॉप
डॉ अंशु अग्रवाल बचपन से ही प्रतिभाशाली रही है। कक्षा दसवीं में उन्होंने जिले के टापरों में शामिल थी वही कक्षा 12वीं की परीक्षा में जिले में में टॉप थ्री की सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया था। एमबीबीएस की परीक्षा के बाद अंशु अब अपने पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारियों को लेकर जुट गई है।
जाने, अंशु से उसकी सफलता के राज..

चर्चा के दौरान मेडिकल छात्रा डॉ. अंशु अग्रवाल ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि हमें क्या चाहिए ? हम अपने आप को भविष्य में कहां देखना चाहते हैं? तय लक्ष्य के आधार पर उसे पूरा करने के लिए छोटे-छोटे टारगेट सेट करना चाहिए और उसे पूरा करने के लिए जी-जान से जुट जाना चाहिए। अपना अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान एकाग्रता में आने वाली बाधाएं जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टि्वटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उन्होंने अनइंस्टॉल कर दिया था।


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