RTE नियमों की अनदेखी पड़ी भारी: बिलासपुर के 58 निजी स्कूलों को मान्यता रद्द करने की चेतावनी

बिलासपुर, 09 जून 2026। शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के तहत चयनित गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश नहीं देने पर बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के 58 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
जारी नोटिस में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि सत्र 2026-27 के प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश देने के लिए पूर्व में सभी निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई स्कूलों ने चयनित बच्चों का प्रवेश नहीं लिया, जो कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देशों की खुली अवहेलना है।
डीईओ ने नोटिस में उल्लेख किया है कि आज की स्थिति में भी प्रथम चरण में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया अधूरी है, जिससे स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और उदासीनता उजागर होती है। सभी स्कूलों को प्रवेश से संबंधित पूरी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित संस्थान यह स्पष्ट करें कि उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही क्यों न की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में संस्था प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जिला शिक्षा विभाग ने उन 58 निजी स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है, जिन्होंने आरटीई के तहत चयनित बच्चों को अब तक प्रवेश नहीं दिया है। विभाग की इस कार्रवाई को गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Comments